केवल 2 गांवों से 800 साल पहले शुरू हुआ था वक्फ, आज 9.4 लाख एकड़ का मालिक
Waqf Bill 2024 पर चर्चा तेज हो रही है. वहीं भारत में वक्फ बोर्ड की जमीन करीब 9.4 लाख एकड़ है, जो गोवा के क्षेत्रफल से अधिक है. तो भारत में वक्फ की शुरुआत कब हुई थी. मुहम्मद गोरी का वक्फ के साथ क्या नाता है, यहां पढ़ें इतिहास...
How Waqf Started in India: वक्फ बिल 2024 खूब चर्चा में हैं. भारत में कुल वक्फ बोर्ड की जमीन करीब 9.4 लाख एकड़ (लगभग 3,804 वर्ग किलोमीटर) है, जो गोवा के कुल क्षेत्रफल (3,702 वर्ग किलोमीटर) से भी थोड़ा ज्यादा है. कई विशेषज्ञ तो ये भी मानते हैं कि भारतीय रेलवे और डिफेंस विभाग के बाद, वक्फ बोर्ड के पास ही सबसे ज्यादा संपत्ति है. लेकिन ये जानना ज्यादा दिलचस्प होगा कि आखिर भारत में वक्फ संपत्तियों की शुरुआत कब और कैसे हुई. चलिए आपको सीधे 12वीं शताब्दी में ले चलते हैं जब केवल दो गांवों के दान से वक्फ की शुरुआत हुई थी.
मुहम्मद गोरी और भारत में वक्फ की शुरुआत
वक्फ की शुरुआत अफगान आक्रमणकारी मुहम्मद गोरी के साथ हुई थी, जिसने 1175 में मुल्तान पर कब्जा कर लिया था और फिर 1192 में पृथ्वीराज चौहान को तराइन के दूसरे युद्ध में हराया था. मुल्तान अविभाजित पंजाब का हिस्सा है जो अब पाकिस्तान में है.
फारसी किताब इनशा-ए-महरू के मुताबिक, इसके बाद साल 1185 में मुल्तान में मुहम्मद गोरी ने पहली बार जमीन दान में दी थी. गोरी ने मुल्तान की जामा मस्जिद को दो गांवों का दान दिया और उनकी देखरेख के लिए धार्मिक नेता शेख-उल-इस्लाम को नियुक्त किया था.
दिल्ली सल्तनत में वक्फ
दिल्ली सल्तनत के दौर में वक्फ संपत्तियों की संख्या तेजी से बढ़ी. इल्तुतमिश और मुहम्मद बिन तुगलक जैसे शासकों ने न केवल वक्फ संपत्तियों को बनाए रखा, बल्कि नए वक्फ भी स्थापित किए. तब वक्फ संपत्तियों की देखरेख के लिए दीवान-ए-विजारत (प्रधानमंत्री) और दीवान-ए-रिसालत (न्यायिक और धार्मिक मामलों के अधिकारी) जिम्मेदार थे.
वक्फ की मदद से सार्वजनिक सुविधाएं बनाई गईं, जैसे हौज (जलाशय), मदरसे, सड़कें और सराय. उदाहरण के लिए, बदायूं की शम्सी मस्जिद और लाहौर में कुतुबुद्दीन ऐबक का मकबरा वक्फ से जुड़ी संपत्तियां थीं.
ताजमहल भी था वक्फ की संपत्ति
मुगल साम्राज्य के दौरान वक्फ संपत्तियां और बढ़ीं. अकबर और शाहजहां जैसे सम्राटों ने बड़ी वक्फ संपत्तियां दान की. लखनऊ में फरंगी महल और तब तो आगरा में ताजमहल भी वक्फ संपत्तियों से जुड़े थे. इतिहासकार अमीर अफाक अहमद फैजी के अनुसार, ताजमहल के निर्माण के लिए करीब 30 गांव और एक परगना वक्फ किए गए थे.
ब्रिटिश शासन के दौरान, 1923 में “मुसलमान वक्फ अधिनियम” लाया गया. आजादी के बाद इसे 1954, 1995 और 2013 में संशोधित किया गया, जिससे वक्फ बोर्ड मजबूत हुए.
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21वीं सदी में वक्फ
आज वक्फ बोर्ड पूरे भारत में 8.7 लाख से ज्यादा संपत्तियों का मैनेजमेंट करते हैं, जो 9.4 लाख एकड़ जमीन में फैली हुई हैं. वर्तमान में, केंद्र सरकार वक्फ संशोधन विधेयक 2024 लेकर आई है, ताकि वक्फ बोर्ड की शक्तियों और इससे जुड़े विवादों को हल किया जा सके.
किस राज्य में वक्फ बोर्ड की कितनी संपत्ति
राज्य | रजिस्टर्ड वक्फ संपत्तियों की संख्या |
---|---|
अंडमान और निकोबार द्वीप | 150 |
आंध्र प्रदेश | 10,708 |
असम | 1,616 |
बिहार (शिया) | 1,672 |
बिहार (सुन्नी) | 6,480 |
चंडीगढ़ | 34 |
छत्तीसगढ़ | 2,665 |
दादरा और नगर हवेली | 32 |
दिल्ली | 1,047 |
गुजरात | 30,881 |
हरियाणा | 23,117 |
हिमाचल प्रदेश | 4,494 |
झारखंड | 435 |
जम्मू और कश्मीर | 32,506 |
कर्नाटक | 58,578 |
केरल | 49,019 |
लक्षद्वीप | 896 |
मध्य प्रदेश | 31,342 |
महाराष्ट्र | 31,716 |
मणिपुर | 966 |
मेघालय | 58 |
ओडिशा | 8,510 |
पुडुचेरी | 693 |
पंजाब | 58,608 |
राजस्थान | 24,774 |
तमिलनाडु | 60,223 |
त्रिपुरा | 2,643 |
तेलंगाना | 41,567 |
उत्तर प्रदेश (सुन्नी) | 1,99,701 |
उत्तर प्रदेश (शिया) | 15,006 |
उत्तराखंड | 5,317 |
पश्चिम बंगाल | 80,480 |