मई में खुलने जा रहा जेवर एयरपोर्ट, आसपास के इन 8 इलाकों में जमीन खरीदना है फायदे का सौदा

Noida International Airport (Jewar) के निर्माण से आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट और आर्थिक विकास में वृद्धि होने की संभावना है. यह एयरपोर्ट दिल्ली से 72 किमी दूर स्थित है और मई 2025 तक शुरू होने वाला है. इसके आसपास के क्षेत्रों में जेवर, टप्पल, धनकौर, यमुना एक्सप्रेसवे सेक्टर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, सेक्टर 150, परि चौक और सेक्टर 93A शामिल हैं, जहां रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ रही हैं.

जेवर एयरपोर्ट के आसपास इन इलाकों में बढ़ जाएंगे जमीन के भाव Image Credit: Money9live/Canva

Noida International Airport Jewar: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) जो दिल्ली से 72 किमी दूर बना है, इसका उद्देश्य इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) की भीड़ कम करना और रीजनल कनेक्टिविटी बढ़ाना है. ये एयरपोर्ट मई 2025 तक शुरू होने वाला है और भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनकर उभरेगा. लेकिन अब इतना बड़ा प्रोजेक्ट बन कर तैयार हो रहा है तो जाहिर है आसपास के एरिया को इसका फायदा मिलेगा. चलिए जानते हैं कहां और किसको कितना फायदा मिलेगा क्योंकि अब इसके आसापस रियल एस्टेट बूम करेगा, इंफ्रा डेवलपमेंट होगा और आर्थिक विकास होगा. यहां ऐसे 8 इलाकों के बारे में बताया है जहां जमीन के भाव बढ़ गए हैं.

नोएडा एयरपोर्ट

  • नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी के जेवर में बन रहा है. यह 7,200 एकड़ में फैला होगा और पूरा होने के बाद एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बन जाएगा. पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी, जो 2050 तक 7 करोड़ तक बढ़ाई जाएगी.
  • यह यमुना एक्सप्रेसवे के पास स्थित है, जिससे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, लखनऊ और अलवर जैसे शहरों तक आसान पहुंच मिलेगी.
  • पहले चरण की लागत ₹10,056 करोड़ आंकी गई है, और इसे मई 2025 तक चालू करने का लक्ष्य है.

एयरपोर्ट के आसपास होगा विकास

जेवर: एयरपोर्ट के पास जेवर है जहां तेजी से रियल एस्टेट गतिविधियां बढ़ रही हैं. यमुना एक्सप्रेसवे होने से और ज्यादा निवेश आएगा. यहां फिलहाल औसत प्रॉपर्टी का रेट 3,500 प्रति वर्ग फुट है जो 2,800 रुपये से 4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट है. 2-BHK फ्लैट का किराया 12,000 – 18,000 रुपये है. पिछले 5 सालों में कीमतें दोगुना बढ़ी हैं.

टप्पल: एयरपोर्ट के पास 5 किमी में टप्पल नाम की जगह भी पड़ती है. तेजी से बढ़ती कनेक्टिविटी और भूमि अधिग्रहण के कारण टप्पल भी निवेशकों के लिए आकर्षक बन रहा है. यहां प्रॉपर्टी का औसत रेट 2,800 प्रति वर्ग फुट (2,000 – 3,500 प्रति वर्ग फुट) है. पिछले 3 वर्षों में 30% की ग्रोथ है.

धनकौर: धनकौर को रेजिडेंशियल और इंडस्ट्रियल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां प्रॉपर्टी का औसत रेट 4,000 प्रति वर्ग फुट (3,500 – 5,200 रुपये प्रति वर्ग फुट) है. पिछले 5 वर्षों में 40% की ग्रोथ.

यमुना एक्सप्रेसवे सेक्टर: इसके सेक्टर 17, 18, 20, और 22D में तेजी से कमर्शियल और इंडस्ट्रियल परियोजनाएं बढ़ रही हैं. यहां प्रॉपर्टी के औसत रेट 4,500 प्रति वर्ग फुट (3,800 – 5,500 रुपये प्रति वर्ग फुट) है और पिछले 5 वर्षों में 50% ग्रोथ हुई है.

Greater Noida West: नेएडा ग्रेटर नोएडा, मेट्रो और एयरपोर्ट की वजह से इस क्षेत्र में रियल एस्टेट निवेश तेजी से बढ़ रहा है. यहां प्रॉपर्टी का औसत रेट 5,800 प्रति वर्ग फुट (4,500 – 7,200 रुपये प्रति वर्ग फुट) है. पिछले 5 वर्षों में 45% की ग्रोथ.

सेक्टर 150: यह नोएडा के सबसे लग्जरी क्षेत्रों में से एक है. यहां प्रॉपर्टी का औसत रेट 9,500 प्रति वर्ग फुट (8,000 – 12,500 रुपये प्रति वर्ग फुट) है जो पिछले 5 वर्षों में 35% की ग्रोथ है.

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परि चौक: यह क्षेत्र बढ़ती कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के कारण निवेशकों के लिए आकर्षक बनता जा रहा है. यहां प्रॉप्रर्टी का औसत रेट 7,200 प्रति वर्ग फुट (5,500 – 9,500 रुपये प्रति वर्ग फुट) है. पिछले 5 वर्षों में 30% वृद्धि.

सेक्टर 93A: यह सेक्टर प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक केंद्रों के करीब होने के कारण लोकप्रिय है. यहां प्रॉपर्टी का औसत रेट 11,000 रुपये प्रति वर्ग फुट (9,000 – 13,500 रुपये प्रति वर्ग फुट) है जो पिछले 5 वर्षों में 28% वृद्धि है.