फ्लैट देने में बिल्डर कर रहा है देरी तो RERA दिलवाएगा मुआवजा, जान लें घर खरीदारों के अधिकार

अगर आपने घर खरीदने से पहले बिल्डर को एडवांस में पैसे दे दिए हैं, लेकिन बिल्डर ने अभी तक आपके प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं किया है, तो आइए जानते हैं कि ऐसे मामलों में रेरा के क्या नियम और कानून हैं.

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Real Estate: घर खरीदने से पहले बिल्डर की विश्वसनीयता की जांच करना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई बार ऐसी घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिनमें बिल्डर कस्टमर्स से एडवांस में पैसे तो ले लेते हैं, लेकिन फ्लैट देने में देरी करते हैं. कभी-कभी यह देरी 5 से 10 साल तक हो जाती है. ऐसे में जब कस्टमर्स अपने चुकाए गए पैसे की मांग करते हैं, तो बिल्डर्स आनाकानी करने लगते हैं. अगर आपने घर खरीदने से पहले बिल्डर को एडवांस में पैसे दे दिए हैं, लेकिन बिल्डर ने अभी तक आपके प्रोजेक्ट पर काम शुरू नहीं किया है, तो आइए जानते हैं कि ऐसे मामलों में रेरा के क्या नियम और कानून हैं.

RERA के तहत खरीदारों के अधिकार

अगर आपने बिल्डर को पैसे दिए हैं और वह आपको परेशान कर रहा है, तो ऐसे में RERA बिल्डर को आपके जमा किए गए पैसे के साथ-साथ उस पर देय ब्याज सहित राशि लौटाने का आदेश दे सकता है. RERA यह आदेश RERA अधिनियम की धारा 2(za), नियम 15 और धारा 18(1) के तहत सुना सकता है. इसके तहत आपको बिल्डर प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं करता है या फ्लैट देने में देरी करता है, तो RERA के तहत खरीदार अपने जमा पैसे की वापसी के साथ ब्याज पाने के हकदार हैं.

धारा 2(za): यह प्रावधान करता है कि बिल्डर को खरीदार के पैसे पर ब्याज देना होगा. ब्याज की गणना उस तारीख से होगी जब खरीदार ने पैसे जमा किए थे.

धारा 18(1): इस धारा के तहत, खरीदार को पैसे की पूरी वापसी और ब्याज का अधिकार मिलता है, अगर बिल्डर समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करता.

RERA के फैसले कैसे होते हैं खरीदारों के पक्ष में?

RERA यह सुनिश्चित करता है कि:

खरीदारों के लिए जरूरी बातें