घर खरीदना हुआ और सेफ! UP RERA ने सख्त किए पेमेंट के नियम, न मानने वाले बिल्डरों पर होगी कार्रवाई

घर खरीदने वाले लोगों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है. इसी के साथ खरीदारों के साथ समय समय पर धोखाधड़ी भी होती रहती है. इसी से निपटान पाने के लिए उत्तर प्रदेश रेरा ने नया नियम को पेश किया है. जानें क्या है वह.

UP RERA Image Credit: @Tv9

UP RERA Rule for Builders: उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने घर खरीदारों के लिए काफी अहम नियम बनाया है. यूपी रेरा ने पारदर्शिता को बढ़ावा देते हुए रियल एस्टेट (विनियम और विकास) अधिनियम 2016 के मुताबिक, प्रमोटरों को यह निर्देश दिया है कि प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के नाम पर मिले राशि के 70 फीसदी हिस्से को अलग खाते में रखना होगा. उसका इस्तेमाल केवल प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के लिए ही किया जाना चाहिए. 29 नवंबर 2023 को जारी किए गए यूपी रेरा के गाइडलाइन्स की मानें तो सभी प्रमोटर को यूपी रेरा के पोर्टल पर तीन प्रोजेक्ट खातों की जानकारी देना अनिवार्य है. एक कलेक्शन अकाउंट, सेपरेट अकाउंट और ट्रांजैक्शन अकाउंट.

क्या है यूपी रेरा का नया नियम

2023 के नियम के अनुसार, यह कानूनी रूप से जरूरी है कि अलॉटीस की ओर से प्राप्त किए गए राशियों को प्रमोटर कलेक्शन अकाउंट में जमा किया जाएगा. इससे इतर, प्रमोटर की यह जिम्मेदारी है कि प्रोजेक्ट से जुड़े प्रचार-प्रसार और दूसरे प्रमोशनल खर्चों की जानकारी प्रोजेक्ट कलेक्शन अकाउंट में अपडेट करता रहे. यूपी रेरा ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि प्रोजेक्ट के लिए मिले फंड के 70 फीसदी हिस्से को कलेक्शन अकाउंट से सेपरेट अकाउंट में ट्रांसफर करे और 30 फीसदी को ट्रांजैक्शन अकाउंट में.

सेपरेट अकाउंट में जमा पैसों का इस्तेमाल केवल प्रोजेक्ट डेवलपमेंट से जुड़ी कार्यों के लिए किया जाएगा. इससे इतर, सेपरेट अकाउंट से पैसों की निकासी तभी किया जा सकेगा जब प्रोजेक्ट पूरा हो गया हो. उस स्थिति में भी प्रोजेक्ट पूरा होने का प्रमाण इंजीनियर, आर्किटेक्ट और चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से ही किया जाएगा.

उठाई जाएगी सख्त कार्रवाई

यूपी रेरा के चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी ने प्रमोटरों और अलॉटीज से अपील की है कि वह निवेश करने से पहले यूपी रेरा पोर्टल पर प्रोजेक्ट से संबंधित सभी स्टेटमेंट की अच्छी तरह से जांच करें और सुनिश्चित करें कि पेमेंट केवल कलेक्शन खाते में ही हो रहा है. इस कदम से फंड के गलत इस्तेमाल से छुटकारा मिलेगा, फंड का सही इस्तेमाल होगा और प्रोजेक्ट का काम समय पर किया जा सकेगा. इससे इतर, भूसरेड्डी ने ये भी कहा कि यूपी रेरा के नियम के खिलाफ काम करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.