पिछले 25 सालों में Nifty 50 पर भारी रहा गोल्ड, निवेशकों को दिया 2027 फीसदी का रिटर्न
Zerodha के CEO नितिन कामथ ने बताया कि पिछले 25 सालों में गोल्ड ने Nifty 50 से बेहतर प्रदर्शन किया है. गोल्ड ने जहां 2027 फीसदी का रिटर्न दिया, वहीं निफ्टी 1470 फीसदी पर रहा. SGB बंद होने के बाद Gold ETFs को निवेश का सबसे सही तरीका बताया गया है.

Gold vs Nifty 50 returns Nithin Kamath: Zerodha के CEO नितिन कामथ ने हाल ही में माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि साल 2000 से अब तक गोल्ड ने Nifty 50 की तुलना में कहीं अधिक रिटर्न दिया है. उन्होंने निवेशकों के लिए गोल्ड में निवेश के बदलते विकल्पों पर भी ध्यान दिलाया है. कामथ ने लिखा कि सरकार द्वारा Sovereign Gold Bond (SGB) योजना को अस्थायी रूप से बंद किए जाने के बाद, Gold ETFs (गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स) निवेश का एक आसान और प्रभावी तरीका बन गया हैं.
गोल्ड बनाम निफ्टी 50: कौन रहा आगे?
साल 2000 से अब तक के आंकड़ों के अनुसार गोल्ड ने 2027.52 फीसदी का रिटर्न दिया है. जबकि Nifty 50 ने 1470.48 फीसदी का रिटर्न दिया है यानी, गोल्ड ने Nifty 50 से 557.04 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया है.
गोल्ड बना निवेशकों का भरोसेमंद विकल्प?
पिछले दो दशकों में गोल्ड ने खुद को ‘सेफ हेवन’ असेट के रूप में स्थापित किया है. खासकर वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई के दौरान. इस दौरान निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं. कामथ ने कहा, कोई नहीं जानता कि गोल्ड की कीमतें क्यों और कैसे बदलती हैं, लेकिन यह निवेशकों के लिए हमेशा काम करता दिखता है. उन्होंने यह भी कहा कि गोल्ड से पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और स्थिर रिटर्न जैसे लाभ मिलते हैं.
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SGB बंद, अब निवेशक क्या करें?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने फिलहाल SGB (Sovereign Gold Bonds) की नई सीरीज को जारी करने पर रोक लगा दी है। इसके चलते Gold ETFs की मांग तेज़ी से बढ़ी है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए Zerodha ने GOLDCASE ETF लॉन्च किया है, ताकि निवेशकों को गोल्ड में निवेश का एक सुलभ और डिजिटल विकल्प मिल सके.
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