क्या फंडामेंटल क्राइसिस से गुजर रहा है शेयर मार्केट? जानें S Naren की राय

भारतीय स्टॉक मार्केट किसी फंडामेंटल क्राइसिस से नहीं गुजर रहा, लेकिन हाई वैल्यूएशन एक चुनौती बनी हुई है. S Naren ने निवेशकों को जोखिम कम लेने और स्मार्ट, बैलेंस्ड इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी अपनाने की सलाह दी है. FIIs का रुझान भारत की ओर बढ़ा है और ग्लोबल फैक्टर्स जैसे अमेरिका का रेसिप्रोकल टैरिफ, AI और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं बाजार को प्रभावित कर सकते हैं.

भारतीय स्टॉक मार्केट किसी फंडामेंटल क्राइसिस से नहीं गुजर रहा, लेकिन हाई वैल्यूएशन एक चुनौती बनी हुई है. Image Credit: Tv9 Bharatvarsh

Indian Stock Market: भारतीय स्टॉक मार्केट को लेकर ICICI Prudential AMC के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर S Naren ने हाल ही में अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि इंडियन मार्केट छह महीने पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है. लार्ज कैप स्टॉक्स में स्थिरता आई है और Nifty 50 में भी उम्मीद से कम गिरावट देखने को मिली है. Naren के अनुसार, भारतीय बाजार फंडामेंटल रूप से मजबूत है, लेकिन निवेशकों को रिस्क मैजेमेंट और बैलेंस पोर्टफोलियो पर ध्यान देना चाहिए. लार्ज कैप में निवेश करने के दौरान स्मार्ट अप्रोच अपनाने की जरूरत है और शेयर बाजार के अलावा अन्य एसेट क्लास में भी निवेश पर विचार करना चाहिए.

क्या कोई फंडामेंटल क्राइसिस है?

S Naren का मानना है कि भारतीय बाजार किसी फंडामेंटल क्राइसिस से नहीं गुजर रहा, बल्कि हाई वैल्यूएशन एक चुनौती बनी हुई है. उदाहरण के लिए Nifty 50 में सीमित गिरावट आई है. जबकि
Nifty Small Cap 250 इंडेक्स में 14 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.

कैसी हो निवेश की रणनीति?

Naren ने इन्वेस्टर्स को जोखिम कम लेने और बैलेंस्ड अप्रोच अपनाने की सलाह दी है. उनके अनुसार लार्ज कैप स्टॉक्स में निवेश करते समय सावधानी जरूरी है और स्मार्ट और सेलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी को अपनाना चाहिए. बैलेंस्ड एडवांटेज फंड और मल्टी एसेट फंड को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा.

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FIIs का रुख क्यों बदला?

पिछले कुछ हफ्तों में विदेशी निवेशकों (FIIs) का झुकाव भारतीय बाजार की ओर बढ़ा है. इसकी वजह यह है कि भारतीय स्टॉक्स की वैल्यूएशन अब ज्यादा आकर्षक हो गई है और अमेरिकी बाजार में इन्वेस्टमेंट का आकर्षण घटा है. S Naren ने कुछ वैश्विक कारकों को भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण बताया, जिनमें अमेरिका का रेसिप्रोकल टैरिफ, जलवायु परिवर्तन, जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव शामिल है.

शेयर बाजार के अलावा कहां करें निवेश?

S Naren ने निवेशकों को कमर्शियल रियल एस्टेट (जैसे ऑफिस, दुकान आदि) और परफॉर्मिंग क्रेडिट को भी निवेश के अच्छे विकल्प बताए. उन्होंने कहा कि सिर्फ शेयर बाजार में निवेश करना समझदारी नहीं होगी.