Red ‘Fry-Day’: ऑल टाइम हाई से Sensex 17, तो Nifty 18 फीसदी टूटा, निवेशकों के 95 लाख करोड़ डूबे
Share Market के लिए फरवरी का आखिरी दिन Red Fry-Day साबित हुआ है. शुक्रवार को हुई बिकवाली की आग में निवेशकों के 9.57 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा झुलस गए हैं. वहीं, ऑल टाइम हाई से सेंसेंक्स 17 फीसदी और निफ्टी 18 फीसदी टूट चुके हैं. इस बीच निवेशकों को कुल 95 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा है.
Share Market के बेंचमार्क इंडेक्स 27 सितंबर, 2024 को ऑल टाइम हाई पर पहुंचे. Sensex ने 85,978.25 अंक और Nifty 26,277.35 अंक का शिखर छुआ. इसके बाद से ही शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है. ऑल टाइम हाई से Sensex जहां 17.45 फीसदी टूट चुका है, वहीं Nifty में 18.70 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. वहीं, 27 सितंबर, 2024 से 28 फरवरी, 2025 के बीच निवेशकों को 95 लाख करोड़ का चूना लग चुका है. 27 सितंबर, 2024 को शेयर बाजार में लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 47,910,402.02 करोड़ रुपये था. शुक्रवार 28 फरवरी को यह 3,84,09,878.35 करोड़ रुपये रहा. इस तरह ऑल टाइम हाई से अब तक मार्केट कैप में 95,00,523.67 करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है.
फरवरी का आखिरी दिन यानी शुक्रवार निवेशकों के लिए Red Fry-Day साबित हुआ है. बिकवाली की आग में शुक्रवार को निवेशकों के 9.57 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा झुलस गए. 29 फरवरी को बाजार में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 39379355.46 करोड़ रुपये था, जो 3,84,09,878.35 करोड़ रुपये रहा. इस तरह एक दिन में निवेशकों को 9,57,024.59 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सेंसेक्स शुक्रवार को 1.90 फीसदी गिरावट के साथ 1414.33 अंक टूटकर 73,198.10 अंक पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 1.86% की गिरावट और 420.35 अंक टूटकर 22,124.70 अंक पर बंद हुआ.
निफ्टी में सबसे लंबी गिरावट
Nifty में 29 साल बाद ऐसा हुआ है, जब यह इंडेक्स लगातार पांच महीने से पिछले महीने की तुलना में निचले स्तर पर बंद हुआ है. 1996 के बाद यह पहली बार हुआ है, जब Nifty लगातार पांचवें महीने गिरावट में बंद हुआ है. वहीं, ऑल टाइम हाई से निफ्टी में 4,152.65 अंक टूट चुका है. आज निफ्टी ने 22,500 के अहम स्तर से नीचे चला गया है. इस तरह देखा जाए, तो निफ्टी 14 मई, 2024 के बाद सबसे निचले स्तर पर है.
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ
असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड में टेक्नोलॉजी और डेरिवेटिव्स रिसर्च के AVP ऋषिकेश येदवे ने कहा कि घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी ने कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण दिन की शुरुआत गिरावट के साथ की, इसके बाद भारी बिकवाली के दबाव का सामना किया और लाल निशान में 22,125 पर बंद हुआ. इसके साथ ही भारतीय बाजार में अस्थिरता को ट्रैक करने वाला सूचकांक, India VIX 4.39% बढ़कर 13.89 पर पहुंच गया, जो बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को दर्शाता है. बेंचमार्क इंडेक्स के अलावा व्यापक बाजार में कमजोरी दिखी. निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.49% और 3.01% फीसदी टूटकर बंद हुए.
Nifty में क्या हो आगे की रणनीति
सेंसेक्स पहले ही 75 हजार के अहम सपोर्ट लेवल से नीचे आ चुका है. वहीं, शुक्रवार को निफ्टी ने भी 22,500 के बड़े सपोर्ट लेवल से नीचे क्लोजिंग ली है. फिलहाल, टेक्निकल लेवल पर देखें, तो निफ्टी में बेयरिश मारुबोजू कैंडल पैटर्न बना, जो लॉन्ग टर्म कमजोरी का संकेत देती है. अब जब तक निफ्टी 22,500 से नीचे रहता है, इसमें मंदी की गति ही बनी रहने की संभावना है. यहां से गिरावट जारी रहती है, तो अगला सपोर्ट लेवल 21,850 हैं, जहां 100-वीकली सिंपल मूविंग एवरेज (100-WSMA) है. ऋषिकेश येदवे कहते हैं कि टेक्निकल चार्ट्स से मिल रहे संकेतों के हिसाब से ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स को निफ्टी में बिकवाली की रणनीति पर ही ध्यान देना चाहिए.
इतिहास की चौथी सबसे बड़ी गिरावट
शेयर बाजार में अब तक की बड़ी गिरावट के लिहाज से देखा जाए, तो फिलहाल भारतीय शेयर बाजार इतिहास की चौथी सबसे बड़ी गिरावट के दौर में है. अब तक की सबसे बड़ी गिरावट में 2008 में 52 फीसदी की गिरावट आई. 31.4% फीसदी की गिरावट 1994-95 में आई थी. वहीं, 1996 में 26% फीसदी की गिरावट आई. इसके बाद फिलहाल बाजार के ज्यादातर बड़े इंडेक्स 18 से 20 फीसदी तक टूट चुके हैं. यह गिरावट कोविड से भी बड़ी है. कोविड के दौरान बाजार में करीब 13-14 फीसदी की गिरावट आई थी.