बियर मार्केट या नए बुल रन की शुरुआत? बाजार में निवेश को लेकर WITT में एक्सपर्ट्स ने दी अपनी राय

शेयर बाजार में हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है. क्या यह सही समय है निवेश करने का, या थोड़ा इंतजार करना बेहतर होगा? विशेषज्ञों ने म्यूचुअल फंड और इक्विटी निवेश को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं.

शेयर मार्केट Image Credit: freepik

भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे निवेशकों के मन में कई सवाल उठे. क्या यह बियर मार्केट है, या फिर हमें सिर्फ धैर्य रखना चाहिए? TV9 नेटवर्क के ‘What India Thinks Today Global Summit 2025’ में इस पर गहन चर्चा हुई, जहां म्यूचुअल फंड और निवेश जगत के दिग्गजों ने निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी.

इस पैनल चर्चा में कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी निलेश शाह, कैपिटलमाइंड के संस्थापक एवं सीईओ दीपक शेनॉय और वैल्यू रिसर्च के संस्थापक एवं सीईओ धीरेंद्र कुमार शामिल हुए. उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यह बाजार बियर फेज में नहीं है, बल्कि एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है.

नए निवेशकों के लिए सही रणनीति

नए निवेशकों को सलाह देते हुए निलेश शाह ने कहा कि म्यूचुअल फंड निवेश शुरू करने से पहले किसी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेना बेहतर होता है. लेकिन अगर कोई निवेशक अपने वित्तीय लक्ष्यों को साझा किए बिना निवेश करना चाहता है, तो मल्टी-एसेट फंड एक अच्छा विकल्प हो सकता है. धीरेंद्र कुमार ने एक सरल रणनीति सुझाते हुए कहा कि अधिकांश निवेशकों के लिए 5-6 प्रकार के फंड उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त होते हैं. उन्होंने अलग-अलग निवेश जरूरतों के लिए ये फंड सुझाए:

बाजार में मंदी या मजबूती?

निवेशकों की चिंताओं पर बात करते हुए सभी विशेषज्ञों ने एकमत से कहा कि बाजार बियर फेज में नहीं है. निलेश शाह ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि बाजार नई पारी की तैयारी कर रहा है, यह कभी भी एक सीधी रेखा में नहीं चलता. उन्होंने कहा कि हर बार जब बाजार ऊपर जाता है तो उसे नई शुरुआत के लिए नीचे आना ही पड़ता है. धीरेंद्र कुमार ने इसे और स्पष्ट करते हुए कहा, “हम एक मल्टी-ईयर बुल रन के मुहाने पर हैं.” उनका कहना था कि भारतीय निवेशकों का घरेलू समर्थन इतना मजबूत है कि यह 2008 के वित्तीय संकट जैसी स्थिति से बचने में सक्षम है.

यह भी पढ़ें: Prestige Estates के शेयरों पर HDFC Securities की ‘BUY’ रेटिंग, जानें क्या कहती है रिपोर्ट और Target Price

कब करें निवेश?

इस सवाल पर दीपक शेनॉय ने एक आसान फॉर्मूला दिया: “जब आपके पास अतिरिक्त पैसा हो, तो निवेश करें. जब पैसे की जरूरत हो, तो निकाल लें.” उन्होंने कहा कि अगर किसी को निकट भविष्य में खर्च करने के लिए पैसे की जरूरत है, तो उसे जोखिम नहीं लेना चाहिए और बाजार से बाहर निकल जाना चाहिए.

निलेश शाह ने निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी और कहा कि बाजार में तेजी या मंदी हमेशा बनी रहेगी. उन्होंने क्रिकेट से तुलना करते हुए कहा, “निवेशक को सचिन तेंदुलकर की तरह खेलना चाहिए – पिच पर डटे रहें और अपने मौके का इंतजार करें, हर गेंद को छक्के में बदलने की कोशिश न करें।”

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार की मौजूदा स्थिति बियर मार्केट नहीं बल्कि एक नए बुल रन की शुरुआत है. सही रणनीति अपनाकर, धैर्य रखते हुए और सही फंड्स में निवेश करके निवेशक अच्छे रिटर्न हासिल कर सकते हैं.