जापान से जर्मनी तक के बाजार में टैरिफ ने मचाया हाहाकार, US मार्केट लाल… अब किस बात का सता रहा डर?
Global Market Crash: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका को निर्यात करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में तनाव बना हुआ है. अन्य देशों द्वारा जवाबी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं.

Global Market Crash: टैरिफ वॉर के बढ़ने की आशंकाओं ने लगातार दूसरे दिन ग्लोबल मार्केट को हिलाकर रख दिया. चीन की जवाबी कार्रवाई की घोषणा के बाद अमेरिकी शेयर मार्केट को जोरदार झटका लगा है. पिछले दो कारोबारी सत्रों (3 अप्रैल और 4 अप्रैल) में, अमेरिकी बेंचमार्क इंडेक्स बुरी तरह टूटा है. इस गिरावट में सबसे अधिक टेक-हेवी नैस्डैक 100 ने गोता लगाया है, जो लगभग 10 फीसदी टूटा है. एसएंडपी 500 में 8 फीसदी की गिरावट आई, जबकि डॉव जोन्स 7 फीसदी लुढ़का है. सिर्फ 3 अप्रैल को एसएंडपी 500 ने 2 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट वैल्यू को खाक कर दिया.
नैस्डैक कंपोजिट
नैस्डैक कंपोजिट भी मंदी की करीब पहुंच गया, जो 16 दिसंबर 2024 के अपने हाई लेवल 20,204.58 से लगभग 21 फीसदी नीचे आ गया. 4 अप्रैल को अमेरिकी टेक शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई, जिसमें मैग 7 में सबसे तेज गिरावट देखी गई. पिछले दो सत्रों में Apple और NVIDIA जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में लगभग 13 फीसदी की गिरावट आई है.
बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका को निर्यात करने वाले देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद वैश्विक बाजार में तनाव बना हुआ है. ट्रप के पीछे नहीं हटने और अन्य देशों द्वारा जवाबी कार्रवाई के साथ आगे बढ़ने की आशंकाएं बढ़ गई हैं. 4 अप्रैल को चीन ने 10 अप्रैल से अमेरिकी वस्तुओं पर अतिरिक्त 34 फीसदी टैरिफ लगाने की योजना की घोषणा कर दी है. इसने लगभग 30 अमेरिकी संगठनों पर प्रतिबंध भी लगाए और कुछ रेयर अर्थी के निर्यात को सीमित कर दिया, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया. यह तब हुआ जब अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में घोषित 20 फीसदी टैरिफ के अलावा अतिरिक्त 34 फीसदी टैरिफ लगाया.
जवाबी प्लान की तैयारी
यूरोपीय संघ और कनाडा ने भी अमेरिकी टैरिफ का मुकाबला करने की योजना का संकेत दिया है. 3 अप्रैल को अपने संबोधन में यूरोपीय संघ की चेयरमैन उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ट्रंप के कदम को ‘विश्व अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका’ बताया. इसमें कहा गया कि यूरोपीय संघ बातचीत के लिए ओपन है, लेकिन वह अमेरिकी स्टील टैरिफ के खिलाफ जवाबी उपायों के एक इनिशियल पैकेज को अंतिम रूप दे रहा है और बातचीत विफल होने पर आगे की प्रतिक्रिया तैयार कर रहा है. इस बीच ट्रंप ने संकेत दिया है कि दवा और सेमीकंडक्टर आयात पर टैरिफ अगला कदम हो सकता है.
दुनियाभर के बाजार टूटे
अन्य बाजारों के अलावा यूरोपीय बाजार भी प्रभाव के मामले में अमेरिका से बहुत पीछे नहीं रहे, क्योंकि उनमें दूसरे दिन भी बिकवाली जारी रही. पिछले दो सत्रों में DAX (जर्मनी), CAC (फ्रांस) और FTSE 100 (यूके) के मार्केट में लगभग 6 फीसदी की गिरावट आई.
जबकि एशियाई बाजारों में बिकवाली देखी गई, उनका प्रदर्शन उनके यूरोपीय और अमेरिकी मार्केट के मुकाबले थोड़ा बेहतर रहा. जापान का निक्केई पिछले दो सत्रों में लगभग 2.3 फीसदी गिरा, उसके बाद कोस्पी और हैंड सेंग में लगभग 1.5 फीसदी की गिरावट आई. भारतीय इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 2 फीसदी की गिरावट आई.
अमेरिका में मंदी
बढ़ते व्यापार तनाव के बीच वैश्विक ब्रोकरेज ने अपने मंदी के अनुमानों में बदलाव किया है. जेपी मॉर्गन ने अमेरिका में मंदी की संभावना के अपने अनुमान को 40 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया है. अपनी रिपोर्ट में, फर्म ने जिक्र किया कि अमेरिकी व्यापार नीति अनुमान से कम व्यापार-अनुकूल हो गई है, जिसमें ग्लोबल रजिस्टेंस और सप्लाई चेन में संभावित प्रभाव पड़ सकते हैं.
महंगाई का बोझ बढ़ेगा
फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने 4 अप्रैल को अपने संबोधन में स्वीकार किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ मुद्रास्फीति को बढ़ा सकते हैं और आर्थिक विकास को धीमा कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फेड किसी भी पॉलिसी एडजस्टमेंट करने से पहले अधिक स्पष्टता की प्रतीक्षा करने की स्थिति में है. पॉवेल ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि मॉनिटरी पॉलिसी से लिए सही रोडमैप क्या होगा.
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