क्या अब नहीं लौटेंगे Tata Motors के अच्छे दिन? टैरिफ के झोंके में टूटकर बिखरा शेयर

Tata Motors Share Fall: टाटा मोटर्स के शेयर टूटकर बिखर गए हैं. गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है और अब तो ब्रोकरेज का भी भरोसा इस स्टॉक से उठने लगा है. शुक्रवार के कारोबार में शेयरों में 6 फीसदी की गिरावट आई है.

टाटा मोटर्स के शेयर का बुरा हाल. Image Credit: Getty image

Tata Motors Share Fall: चैत्र के महीने में जिस तरह गेहूं की बालियां पकने के बाद टूटकर बिखरती हैं, कुछ ऐसा ही हाल टाटा मोटर्स के शेयरों का भी है. अमेरिका से आए टैरिफ के झोंके ने टाटा मोटर्स के शेयरों को झकझोर कर रख दिया है. हालत अब ऐसी हो गई है कि ब्रोकरेज फर्म का भी भरोसा इस शेयर पर से कम होने लगा है. पैसेंजर और कमर्शियल वाहन बनाने वाली टाटा मोटर्स लिमिटेड को शुक्रवार, 4 अप्रैल को ब्रोकरेज फर्म CLSA की हाई कन्विक्शन आउटपरफॉर्म सूची से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

इस वजह से शुक्रवार के कारोबार में शेयरों में 6 फीसदी की गिरावट आई और ये अपने 52 वीक के निचले स्तर की ओर वापस लुढ़क गया. टाटा मोटर्स के शेयर बीएसई पर 5.94 फीसदी गिरकर 615.10 रुपये पर आ गए. यह इस साल 3 मार्च को 52 सप्ताह के निचले स्तर 606.20 रुपये के करीब पहुंच गया है. टाटा समूह की इस कंपनी का मार्केट कैप 2.26 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है.

प्राइस टार्गेट में कटौती

CLSA ने टाटा मोटर्स की रेटिंग घटाकर रेगुलर आउटपरफॉर्म कर दी है और इसके प्राइस टार्गेट को 18 फीसदी घटाकर 930 रुपये से 765 रुपये कर दिया है. यह नया प्राइस टार्गेट गुरुवार के कारोबारी सत्र की कीमत से 17 फीसदी की तेजी के संकेत देता है.

अमेरिकी टैरिफ से बिक्री में गिरावट का अनुमान

CLSA ने अपने नोट में लिखा कि अमेरिका में 25 फीसदी इंपोर्ट टैक्स लगाने और जगुआर मॉडल बंद करने के चलते वित्तीय वर्ष 2026 में जगुआर लैंड रोवर (JLR) की बिक्री में साल-दर-साल आधार पर 14 फीसदी की गिरावट आएगी. इस गिरावट के चलते टाटा मोटर्स का EBIT मार्जिन वित्तीय वर्ष 2026-2027 में घटकर 7 फीसदी रह सकता है, जबकि इस साल कम स्केल के कारण 9 फीसदी रहने का अनुमान है.

EBITDA में कटौती

इसलिए, CLSA ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए JLR की इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन (EBITDA) से पहले की आय के अनुमान में कटौती की है. हालांकि ब्रोकरेज फर्म उम्मीद है कि यह वित्तीय वर्ष 2026 और 2027 दोनों में फ्री कैश फ्लो पॉजिटिव रहेगा.

वैल्यूएशन को एक साल के लिए बढ़ाया गया

भारत के कमर्शियल वाहन सायकिल के वित्तीय वर्ष 2026 में सबसे निचले स्तर पर पहुंचने के साथ, ब्रोकरेज ने टाटा मोटर्स के भारत में कमर्शियल व्हीकल्स के कारोबार के वैल्यूएशन को एक वर्ष आगे बढ़ाकर वित्तीय वर्ष 2028 कर दिया है, जिससे संभावित रूप से इसकी कीमत में 127 रुपये प्रति शेयर की बढ़ोतरी हो सकती है.

CLSA ने कहा कि इससे JLR की चुनौतियों के कुछ नेगेटिव प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है. खासकर हाई इंपोर्ट टैक्स के चलते अमेरिका में डिमांड की चुनौती से निपटा जा सकता है.

यह भी पढ़ें: मुकेश अंबानी की इस कंपनी ने फिर किया बड़ा निवेश, शेयर में आई तेजी; जानें- क्या है कंपनी का कारोबार