अमीरों के बच्चों का आइसक्रीम और कुकीज बनाना असली स्टार्टअप नहीं; पीयूष गोयल ने साधा निशाना

दिल्ली में आयोजित हुए स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने नए स्टार्टअप कल्चर पर खूब निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आइसक्रीम और कुकीज बनाना असली स्टार्टअप नहीं है, इससे इतर तकनीक विकास पर ध्यान देने की जरुरत.

असली स्टार्टअप क्या? Image Credit: @Canva/@Money9live

Piyush Goyal on Startup culture: भारत में स्टार्टअप का नया दौर शुरू हो गया है. हर इंसान अपने नए बिजनेस को बड़ा बनाने की दौड़ में व्यस्त है. लेकिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भारत के स्टार्टअप कल्चर से बहुत खुश नहीं दिखाई  दे रहे हैं. गोयल ने स्टार्टअप कल्चर को फिल्टर करते हुए तीखा कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि अरबपतियों के बच्चों की ओर से बनाए जा रहे लग्जरी ब्रांड्स को असली स्टार्टअप नहीं माना जा सकता है.

असली इनोवेशन का उद्देश्य बड़े पैमाने पर समस्याओं को हल करना होना चाहिए, न सिर्फ महंगे कंज्यूमर वाले प्रोडक्ट का निर्माण करना. गोयल ने कहा कि इस तरह के बिजनेस वैसे इनोवेशन की सोच को आगे नहीं बढ़ाते हैं जिसकी जरुरत भारत को असल में है.

भारत को तकनीक चाहिए या आइसक्रीम?

दिल्ली में आयोजित ‘स्टार्टअप महाकुंभ 2025’ के दौरान गोयल ने स्टार्टअप्स को लेकर ये टिप्पणी की है. उन्होंने अरबपतियों के बच्चों के स्टार्टअप्स पर निशाना बनाते हुए कहा कि ये लोग तकनीक विकास पर ध्यान देने के बजाय आइसक्रीम और कुकीज का बिजनेस खोल रहे और खुद को स्टार्टअप कह रहे हैं. उन्होंने आगे सवाल पूछते हुए कहा कि क्या भारत तकनीकी को बेहतर करने पर ध्यान देना चाहता है या आइसक्रीम ब्रांड के स्टार्टअप से खुश है. 

अपनी स्पीच में गोयल ने कहा, “फैंसी आइसक्रीम और कुकीज. मैं कम से कम तीन और चार अरबपतियों को जानता हूं जिनके बच्चे एक या दूसरे ब्रांड की बहुत ही शानदार आइसक्रीम और कुकीज बनाते और काफी सफल बिजनेस चलाते हैं.” इसके आगे नए कल्चर पर सवाल करते हुए गोयल ने कहा, “मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है, लेकिन क्या यही भारत की नियति है? क्या भारत का फ्यूचर इससे खुश है?”

आत्मनिर्भर पर जोर की जरुरत

गोयल ने आत्मनिर्भर बनने की राह पर शुरू किए जा रहे स्टार्टअप्स की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, दूसरी ओर, हम सेमीकंडक्टर और इन-हाउस विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में आगे बढ़ रहे हैं. हम आत्मनिर्भर बनने, चिप और एआई मॉडल बनाने में भारी निवेश कर रहे हैं जो देश को भविष्य के लिए तैयार करेंगे. हमें तय करना होगा भारत की प्राथमिकता क्या है. आइसक्रीम स्टार्टअप  या सेमीकंडक्टर स्टार्टअप.