पीयूष गोयल ने ‘डिलीवरी बॉयज को लेकर कह दी ऐसी बात, Zepto के सीईओ ने कर दिया पलटवार,जानें मामला

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि क्या हम डिलीवरी बॉय और गर्ल बनकर खुश रहना चाहते हैं? ये बात उन्होंने भारत और चीन के स्टार्टअप की तुलना करते हुए कही. उनके इस बयान पर कई उद्यमियों ने अलग-अलग राय दी. इसमें से एक हैं जेप्टो कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक आदित पालिचा.

पीयूष गोयल Image Credit: Money 9

Zepto vs Piyush Goyal: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में शिरकत की. यह कार्यक्रम न्यू दिल्ली में हो रहा था. इस दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कहा जिससे बहस शुरू हो गई. उन्होंने कहा कि क्या हम डिलीवरी बॉय और गर्ल बनकर खुश रहना चाहते हैं? ये बात उन्होंने भारत और चीन के स्टार्टअप की तुलना करते हुए कही. उनके इस बयान पर कई उद्यमियों ने अलग-अलग राय दी. इसमें से एक हैं जेप्टो कंपनी के सीईओ और सह-संस्थापक आदित पालिचा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करके बताया कि उनकी कंपनी ने 1.5 लाख नौकरियां दीं और हर साल सरकार को 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स दिया.

आलोचना करना आसान है

आदित ने आगे लिखा कि भारत में कंज्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप की आलोचना करना आसान है. खासकर जब अमेरिका और चीन की तकनीकी कंपनियों से तुलना करते हैं. लेकिन सच ये है कि जेप्टो जो साढ़े तीन साल पहले नहीं थी.यह आज 1.5 लाख लोगों को रोजगार दे रही है. हर साल 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स देती है. एक अरब डॉलर से अधिक विदेशी निवेश लाई है और फल-सब्जियों की सप्लाई चेन को बेहतर करने में सैकड़ों करोड़ रुपये लगाए हैं. उन्होंने कहा कि अगर ये भारत की इनोवेशन का चमत्कार नहीं है तो फिर क्या है?

क्यों नहीं है भारत में बड़ा एआई मॉडल?

उन्होंने सवाल उठाया कि भारत में बड़ा एआई मॉडल क्यों नहीं है? क्योंकि हमने अभी तक बड़ी इंटरनेट कंपनियां नहीं बनाईं. उन्होंने अमेजन, फेसबुक, गूगल और अलीबाबा का उदाहरण दिया कि ये सभी पहले कंज्यूमर इंटरनेट कंपनियां थीं. यह बाद में एआई में आगे बढ़ीं. उनके मुताबिक, ऐसी कंपनियां डेटा, टैलेंट और पैसा जुटाती हैं. इसके बाद ये इनोवेशन को बढ़ावा देती हैं. आदित ने कहा कि स्टार्टअप, सरकार और बड़े निवेशकों को ऐसी कंपनियों को सपोर्ट करना चाहिए न कि उन्हें नीचे खींचना चाहिए. उन्होंने माना कि जेप्टो अभी बड़ी इंटरनेट कंपनी नहीं है. वो इसके लिए मेहनत कर रहे हैं.

बेरोजगार युवाओं को सस्ता मजदूर बना रहे हैं-गोयल

आने वाले दशकों तक भारतीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा लाने के लिए काम करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भारत में टैलेंट और पैसा दोनों हैं बस सही तरीके से काम करने की जरूरत है. पीयूष गोयल ने अपने भाषण में कहा था कि भारत के स्टार्टअप खाना डिलीवरी और तेज लॉजिस्टिक्स पर ध्यान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम बेरोजगार युवाओं को सस्ता मजदूर बना रहे हैं ताकि अमीर घर बैठे खाना मंगा सके.