सरकारी अधिकारियों का आए फोन तो संभलकर करें बात, हो सकते हैं ये इंपोस्टर ठग; जानें इनके पैंतरे

हर दिन नए तरीकों से ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं. सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी, रिश्तेदार या टेक्निकल सपोर्ट बनकर ये जालसाज आपकी गाढ़ी कमाई पर नजर गड़ाए बैठे हैं. जानिए कैसे पहचानें और बचें इस खतरनाक ठगी से.

इंपोस्टर स्कैम Image Credit: Getty Images

आजकल ठग इतने शातिर हो गए हैं कि वे किसी भी भरोसेमंद व्यक्ति या संस्था का रूप धारण कर आपको ठगने में कोई कसर नहीं छोड़ते. ये ठग कभी सरकारी अधिकारी बनकर आपके बैंक डिटेल मांगते हैं, तो कभी टेक सपोर्ट का बहाना बनाकर आपके कंप्यूटर तक पहुंच जाते हैं. किसी को प्रेमजाल में फंसाकर पैसे ऐंठने की कला में भी ये माहिर हैं.

कैसे काम करता है यह इंपोस्टर स्कैम?

इंपोस्टर स्कैम एक सुनियोजित ठगी है, जिसमें जालसाज मानसिक दबाव डालकर लोगों से पैसे या निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं. इसका तरीका कुछ इस प्रकार होता है:

  • पहला संपर्क: फोन, ईमेल, टेक्स्ट या सोशल मीडिया के जरिए संपर्क किया जाता है. कभी-कभी ये स्कैमर असली नंबर या ईमेल एड्रेस को भी नकली बना देते हैं.
  • विश्वसनीयता स्थापित करना: खुद को किसी विश्वसनीय व्यक्ति या संस्था का प्रतिनिधि बताते हैं. कभी वे आईआरएस, बैंक अधिकारी या टेक सपोर्ट बन जाते हैं, तो कभी परिवार के सदस्य होने का नाटक करते हैं.
  • जल्दबाजी और डर पैदा करना: पीड़ित को सोचने का मौका न देने के लिए डराया जाता है. कहा जाता है कि आपका बैंक खाता बंद हो सकता है, पुलिस आपको गिरफ्तार कर सकती है या फिर कोई प्रियजन मुसीबत में है.
  • पैसे या जानकारी की मांग: अंत में पैसे या निजी जानकारी मांगी जाती है, जिसमें गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी, या बैंक ट्रांसफर का उपयोग किया जाता है ताकि उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाए.

फर्जीवाड़े के प्रकार

  1. सरकारी अधिकारी बनकर ठगी

ठग आईआरएस, सोशल सिक्योरिटी या किसी सरकारी संस्था के अधिकारी बनकर चोरी, बेनेफिट्स में गड़बड़ी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाते हैं.

  1. टेक सपोर्ट स्कैम

माइक्रोसॉफ्ट या एप्पल टेक सपोर्ट के नाम पर संपर्क कर कहते हैं कि आपके कंप्यूटर में वायरस आ गया है. वे रिमोट एक्सेस लेकर आपके डिवाइस से जानकारी चुरा लेते हैं.

  1. रोमांस स्कैम

ऑनलाइन डेटिंग साइट्स पर प्यार का नाटक कर लोग भरोसा जीतते हैं और फिर पैसे मांगने लगते हैं. जैसे ही पैसे भेजे जाते हैं, वे गायब हो जाते हैं.

  1. परिवार के सदस्य बनकर धोखा

किसी प्रियजन के नाम पर कॉल करके कहा जाता है कि वे किसी मुसीबत में हैं और तुरंत पैसे भेजने होंगे.

  1. बिजनेस ईमेल स्कैम

कंपनियों के अधिकारी या सप्लायर बनकर ईमेल भेजते हैं और फर्जी भुगतान या संवेदनशील डेटा मांगते हैं.

  1. फर्जी चैरिटी स्कैम

किसी आपदा या सामाजिक सेवा के नाम पर चैरिटी में योगदान करने के लिए लोगों को ठगा जाता है.

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  1. बैंक और अन्य विश्वसनीय संस्थानों के नाम पर धोखा

आपके बैंक या किसी अन्य सेवा प्रदाता का नाम लेकर कॉल या मैसेज भेजा जाता है और खाते की जानकारी मांगी जाती है.

कैसे बचें इन ठगों से?

  • अचानक आए कॉल या मैसेज से सावधान रहें.
  • कोई भी निजी जानकारी साझा करने से पहले वेरिफाई करें.
  • जल्दबाजी में पैसे न भेजें, हमेशा दोबारा जांच करें.
  • अगर कोई गिफ्ट कार्ड या क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान मांगे, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं.
  • कॉल करने वाले की पहचान स्वतंत्र रूप से वैरिफाई करें.
  • संभावित धोखाधड़ी के मामलों की रिपोर्ट तुरंत पुलिस या संबंधित संस्था को करें.

ठगों के ये नए-नए तरीके समाज में बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा रहे हैं. सतर्क रहें, जागरूक रहें और खुद को और अपनों को इन खतरों से बचाने के लिए सही जानकारी साझा करें.