पुराने सिक्के और नोट बेचकर करें कमाई, ऐसे मैसेज से हो जाएं सावधान, साफ हो जाएगा अकाउंट

मंगलुरु के एक व्यक्ति को ऑनलाइन पुराने सिक्के बेचने के चक्कर में 58.26 लाख रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा. फेसबुक विज्ञापन से जुड़े WhatsApp नंबर पर संपर्क करने के बाद, ठगों ने प्रोसेसिंग फीस, GST, बीमा और RBI नोटिस शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगे. बाद में मुंबई साइबर पुलिस बनकर धमकी दी गई, जिससे पीड़ित ने 9 लाख रुपये और गवां दिए. आखिरकार, ठगी का एहसास होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

मंगलुरु के एक व्यक्ति को ऑनलाइन पुराने सिक्के बेचने के चक्कर में 58.26 लाख रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा. Image Credit:

Old Coin Selling Scam: साइबर फ्रॉड के मामले दिन- प्रतिदिन विकराल रूप लेता नजर आ रहा है. 2024 में भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में चार गुना बढ़ोतरी देखने को मिली है. हर बार स्कैमर किसी नए रूप में लोगों को निशाना बना रहे हैं. ऐसे ही एक मामले में मंगलुरु के एक व्यक्ति को पुराने सिक्के बेचने के नाम पर 58.26 लाख रुपये का नुकसान हुआ है.

पीड़ित व्यक्ति के पास पुराने सिक्कों का कलेक्शन था. वह उसे बेचने चाहते थे. इस दौरान उन्हें फेसबुक पर एक एड मिला जिसमें पुराने सिक्कों को बेचने के बात कही गई थी. इस एड में सिक्कों के बेचने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म यूज करने के लिए कहा गया था और इसके बदले ज्यादा कीमत देने की बात कहीं गई थी . लालच में आकर के पीड़ित व्यक्ति ने WhatsApp नंबर पर संपर्क किया और अपने 15 पुराने सिक्के बेचने की इच्छा जताई.

कैसे हुई ठगी

इसके बाद, ठगों ने प्रक्रिया शुरू करने के लिए 750 रुपये की शुरुआती राशि मांगी. इसे सामान्य शुल्क समझकर, पीड़ित ने UPI के माध्यम से पेमेंट कर दिया. इसके बाद उसे लगातार अलग-अलग बहानों जैसे कि GST प्रोसेसिंग, बीमा, TDS, GPS शुल्क, ITR शुल्क और RBI नोटिस शुल्क पैसे देने को कहा गया.

साइबर पुलिस बनकर किया गया धोखा

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 15 दिसंबर को, एक अनजान व्यक्ति ने खुद को ‘मुंबई साइबर पुलिस कमिश्नर’ गौरव शिवाजी राव शिंदे बताकर पीड़ित को कॉल किया. उसने दावा किया कि RBI ने उसके खिलाफ नोटिस जारी किया है और गिरफ्तारी से बचने के लिए 12.55 लाख रुपये देने होंगे. डर के मारे, पीड़ित ने 17 दिसंबर को DCB बैंक खाते में 9 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.

शक होने पर शिकायत

जब ठगों की पैसे मांगना लगातार जारी रही, तब पीड़ित को शक हुआ. उसने जब वैधता की जांच की, तो ठगों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया. आखिरकार, पीड़ित को एहसास हुआ कि यह एक साइबर धोखाधड़ी थी और वह 58.26 लाख रुपये गवां चुका था. इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

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