Gmail की सुरक्षा होगी और पुख्ता, SMS ऑथेंटिकेशन को QR कोड से बदलने की तैयारी में Google
Gmail की सुरक्षा को गूगल और पुख्ता बनाने पर काम कर रहा है. जीमेल लॉगइन के लिए इस्तेमाल होने वाली SMS ऑथेंटिकेशन व्यवस्था की जगह जल्द ही QR कोड लेने जा रहे हैं. इससे स्पैम और फ्रॉड में भी कमी आएगी.
Gmail की सुरक्षा को लेकर Google जल्द ही SMS ऑथेंटिकेशन की जगह QR कोड की सुविधा लाने जा रही है. जीमेल की सिक्योरिटी से जुड़े इस अपडेट को ग्लोबली जल्द ही रोल आउट किया जाएगा. बदलाव को लेकर गूगल का कहना है कि इससे फ्रॉड और स्पैम में कमी आएगी. फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह अपडेट मार्च-अप्रैल के बीच में पेश किया जाएगा.
रिपोर्ट में जीमेल के प्रवक्ता रॉस रिचेंड्रफर के हवाले से कहा गया है कि जीमेल के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन टूल के तौर पर SMS के जरिये 6 डिजिट के कोड की जगह अब क्यूआर कोड को रोल आउट किया जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर, SMS दुरुपयोग के प्रभाव को कम किया जा सके.
क्या करता है टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन
रिचेंड्रफर ने बताया कि गूगल एसएमएस कोड का उपयोग यह सत्यापित करने के लिए करता है कि जीमेल को वही व्यक्ति एक्सेस कर रहा है, जिसने जीमेल खाता बनाया है. इसके अलावा साइबर अपराधियों, स्पैम और मैलवेयर को रोकने में भी यह ऑथेंटिकेशन अहम भूमिका निभाता है.
कितना सेफ SMS ऑथेंटिकेशन
SMS कोड के जरिये टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन बहुत हद तक यूजर को अपने अकाउंट पर कंट्रोल देता है. लेकिन, इसके अपने सुरक्षा जोखिम हैं. कई बार साइबर अपराधी धोखे से यूजर्स से SMS कोड हासिल कर लेते हैं. इस लूपहोल को भरने के लिए ही अब गूगल QR कोड का इस्तेमाल करने जा रहा है.
स्पैम ट्रैफिक में आएगी कमी
रिचेंड्रफर और गूगल की किम्बर्ली सैमरा का कहना है कि इससे फ्रॉड और स्पैम के लिए जीमेल के इस्तेमाल में भी कमी आएगी, जिससे यूजर्स के एंड पर भी स्पैम ट्रैफिक होगा और ओवरऑल जीमेल की एफिशिएंसी भी बढ़ेगी. सैमरा कहती हैं कि एक बार जब यह बदलाव लागू हो जाएगा, तो 6 डिजिट के कोड की जगह यूजर को वैरिफाई करने के लिए एक क्यूआर कोड भेजा जाएगा, यूजर इसे अपने स्मार्टफोन पर कैमरा ऐप से स्कैन कर सकते हैं. यह यूजर को कोड साझा करने के लिए धोखा दिए जाने के जोखिम से बचाएगा.