PDF अटैच करते समय रहें सतर्क, वरना एक क्लिक में बन सकते हैं साइबर फ्रॉड के शिकार

साइबर अपराधी अब पीडीएफ फाइलों के जरिए हमले कर रहे हैं, जिनमें छिपे हुए खतरनाक लिंक और QR कोड होते हैं. वे Bing, LinkedIn, और Google AMP जैसी विश्वसनीय सेवाओं का यूज करके असली मैलिशियस लिंक छिपाते हैं. यूजर्स को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी अनजान लिंक या QR कोड को स्कैन करने से पहले उसकी जांच करनी चाहिए.

साइबर अपराधी अब पीडीएफ फाइलों के जरिए हमले कर रहे हैं. Image Credit: FREE PIK

Cyber Crime PDF Attack Malicious Link: क्या आप जानते हैं कि एक साधारण पीडीएफ अटैचमेंट पर क्लिक करना साइबर अटैक का कारण बन सकता है? साइबर अपराधी अब नए-नए तरीकों से सिक्योरिटी सिस्टम को चकमा दे रहे हैं. आज, सभी मैलिशियस ईमेल अटैचमेंट्स में से 22 फीसदी पीडीएफ-आधारित होते हैं और 68 फीसदी साइबर हमले ईमेल के जरिए किए जाते हैं. हालांकि यह नया नहीं है लेकिन हाल के दिनों में ऐसे हमले और बढ़ गए हैं.

कैसे होते हैं ये अटैक?

ये हमले दिखने में सरल लेकिन बेहद प्रभावी होते हैं. इसमें आमतौर पर एक पीडीएफ फाइल होती है, जिसमें एक फिशिंग साइट या मैलिशियस फाइल डाउनलोड करने का लिंक होता है. इस लिंक के साथ एक आकर्षक इमेज या टेक्स्ट जोड़ा जाता है, जो यूजर को क्लिक करने के लिए प्रेरित करता है. अक्सर, ये इमेजेज लोकप्रिय ब्रांड्स जैसे Amazon, DocuSign, या Acrobat Reader जैसी दिखती हैं, जिससे वे भरोसेमंद लगती हैं.

इन हमलों को पकड़ना मुश्किल होता है क्योंकि हमलावर लिंक, टेक्स्ट और इमेज को कंट्रोल कर सकते हैं और इन्हें बार-बार बदल सकते हैं. हालांकि इन हमलों में यूजर को खुद लिंक पर क्लिक करना पड़ता है, लेकिन यही साइबर अपराधियों के लिए फायदेमंद होता है.

हमले से बचने के लिए क्या करें

अगर किसी पीडीएफ में लिंक है, तो वह खतरनाक हो सकता है. साइबर अपराधी इसे छिपाने के लिए कुछ खास तरीके अपनाते हैं.

सुरक्षित दिखने वाले लिंक से बचें

QR कोड से जुड़े खतरे

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ऐसे करें बचाव