क्या है Pig butchering स्कैम, जो बना रहा बेरोजगार युवाओं और हाउस वाइफ को निशाना

पिग बुचरिंग स्कैम एक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी है, जिसमें ठग नकली पहचान बनाकर लोगों को क्रिप्टोकरेंसी जैसी फर्जी प्लानमें पैसा लगाने के लिए फंसाते हैं. वे पहले भरोसा जीतते हैं और फिर पूरी रकम लूट लेते हैं. यह वैश्विक स्तर पर फैल चुका है. सरकार साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर रही है, ताकि इस तरह की ठगी को रोका जा सके.

पिग बुचरिंग स्कैम एक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी है. Image Credit: GETTY IMAGE

Pig Butchering Scam: सरकार ने Pig butchering स्कैम नामक नए साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया है. यह धोखाधड़ी बेरोजगार युवाओं, छात्रों और हाउस वाइफ को निशाना बनाती है. इसमें न सिर्फ पैसे की ठगी की जा रही है , बल्कि लोगों को साइबर गुलामी के लिए भी मजबूर किया जाता है. Pig butchering जिसे sha zhu pan स्कैम भी कहा जाता है, एक ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी है. इसमें ठग नकली ऑनलाइन पहचान बनाकर लोगों को जाल में फंसाते हैं और उन्हें फर्जी निवेश प्लानमें पैसा लगाने के लिए राजी करते हैं. इसका नाम पिग बुचरिंग इसलिए पड़ा क्योंकि ठग पहले शिकार का भरोसा जीतकर उसे निवेश के लिए तैयार करते हैं (जैसे सुअर को मोटा किया जाता है) और फिर अचानक सारा पैसा लूट लेते हैं. यह स्कैम आमतौर पर विदेशों से संचालित होता है और इसमें क्रिप्टोकरेंसी निवेश का लालच दिया जाता है.

कैसे होता है यह फ्रॉड?

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साइबर स्लेवरी कैसे होती है?

यह स्कैम 2016 में चीन से शुरू हुआ था, जिसमें साइबर अपराधी पहले लोगों से भरोसा जीतते हैं. वे धीरे-धीरे उन्हें क्रिप्टोकरेंसी या किसी अन्य निवेश योजना में पैसा लगाने के लिए तैयार करते हैं. जब पीड़ित पर्याप्त रकम निवेश कर देते हैं, तो अपराधी पूरी राशि लेकर अचानक गायब हो जाते हैं, जिससे लोगों को भारी आर्थिक नुकसान होता है.

सरकार ने क्या एक्शन लिया

गृह मंत्रालय के I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) ने Google के साथ साझेदारी कर इस धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारियां साझा की हैं. साथ ही, Facebook पर चल रहे फ्रॉड विज्ञापनों की भी निगरानी की जा रही है. सरकार साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर रही है, ताकि इस तरह की ठगी को रोका जा सके.