साइबर क्राइम क्यों नहीं हो रहा खत्म? यहां है असली समस्या; कोर्ट ने भी जताई चिंता

पिछले कुछ सालों में साइबर क्राइम में तेजी से इजाफा हो रहा है. अपराधी लोगों को ठगने के लिए हमेशा नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं. सरकार काफी समय से इन पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसे नियंत्रित करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. कोर्ट ने भी इस बढ़ते साइबर अपराध को लेकर गहरी चिंता जताई है. वर्ष 2024 में साइबर अपराधियों ने लोगों को 22,811.95 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया था.

साइबर क्राइम Image Credit: money9live.com

Cyber Crime: भारत में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसे रोकने की कोशिशें लगातार नाकाम साबित हो रही हैं. राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर केवल 2024 में ही 19.18 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की गई थीं, जिससे 22,811.95 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. हालांकि सरकार इसे रोकने के लिए प्रयास कर रही है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) में तीन नई धाराएं जोड़ी गई हैं, लेकिन कोर्ट के मुताबिक ये उपाय पर्याप्त नहीं हैं.

आईटी कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल, ज्ञानंत सिंह और अनुपम मिश्रा का कहना है कि BNS की नई धाराएं इसलिए प्रभावी नहीं हो पा रही हैं क्योंकि पुलिस अभी टेक्नोलॉजी के मामले में उतनी एडवांस नहीं है. साइबर अपराध की दुनिया तेजी से बदल रही है, और इस माहौल में पुलिस के लिए साइबर ट्रेल को पकड़ना और अदालत में साबित करना मुश्किल हो रहा है. इसी को लेकर केरल और इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी अपनी चिंता जताई है.

केरल हाईकोर्ट ने क्या कहा

केरल हाईकोर्ट ने साइबर बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर मौजूदा कानूनी प्रावधानों पर चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि अपमानजनक टिप्पणी, आपत्तिजनक सामग्री और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए मौजूदा कानून पर्याप्त नहीं हैं.

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी जताई नाराजगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी साइबर क्राइम जांच में पुलिस की कमियों को लेकर नाराजगी जताई है. UP पुलिस प्रमुख (DGP) से व्यक्तिगत हलफनामा मांगकर पूछा गया है कि साइबर अपराध की जांच के लिए पुलिस कितनी तैयार है. कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या पुलिस IT एक्सपर्ट्स की मदद लेती है. यह आदेश एक किशोरी की अश्लील तस्वीरें वायरल कर उसे ब्लैकमेल करने के आरोपी की जमानत अर्जी की सुनवाई के दौरान दिया गया था.

साइबर क्राइम से संबंधित धाराएं

  • धारा 318 – अगर कोई ऑनलाइन ठगी करे (जैसे पासवर्ड चोरी, फेक वेबसाइट बनाना).
  • धारा 336 – अगर कोई फेक आईडी बनाकर किसी को बदनाम करे.
  • धारा 365 – अगर कोई धमकी देकर पैसे मांगे.